ये दिल रोता है तेरी मोहब्बत को याद कर के


saja

ये दिल रोता है तेरी मोहब्बत को याद कर के
ये आंखे बरसती है कभी तेरी बेवफाई पे,
ये सोचता हूँ मै कि किस तरह भूलू तुझे
ये जानता हूँ की उम्र भर न भुला पाउगा तुझे,
न जाने क्यों मै एक फैसला नहीं कर पाता
न जाने क्यों मै खुद को ये सजा देता हूँ,
निकालता हूँ हर बार तुझ को दिल से
और फिर भी तेरी यादों में खोया रहता हूँ,
तू दगा देकर तनहा छोड़ गया है मुझे
फिर भी ये दिल दुआ देता है तुझे,
ऐ सनम तू साथ है मेरे मेरी हर तन्हाई में
कोई गम नहीं की तुमने वफ़ा नहीं की
इतना ही बहुत है की तू शामिल है मेरी तबाही में,

न जीता हूँ ना मरता हूँ . .


 

मैं अब दिन-रात उसकी यादों से गुजरता हूँ,
दुआयें रोज़ मांग कर भी, ग़मों से आह भरता हूँ

सजा है या मज़ा है ये, बता मुझको मेरे मौला,
ये कैसा हाल है मेरा, न जीता हूँ, ना मरता हूँ

तड़पता हूँ और रोता हूँ तन्हाई में जिसे याद कर करके,
कैसे कह दूँ मैं उसे, कि कितना प्यार करता हूँ

कैसे मांगूं उसे, कि उसे भी मोहब्बत है किसी से,
इलाही देखिये अब तो, मै उसकी आहट से डरता हूँ

उसे मुबारक हो ये शमा, ये जश्न ख़ुशी के,
मैं तो परवाना हूँ, दर्द में हर-एक शाम जलता हूँ

न हंशी है, ना ख़ुशी है, न है रंग, ना सपने,
उसके बिन क्या कहूँ, कि किस हाल रहता हूँ

गर ये प्यार है तो, ना हो और किसी को
ये दुआ अब तो मै, हरदम हर-रोज़ करता हूँ
ये कैसा हाल है मेरा, न जीता हूँ, ना मरता हूँ
ये कैसा हाल है मेरा, न जीता हूँ, ना मरता हूँ

उनकी नफरत से भी तुझे प्यार हो जाये..


 
हम खुश रह लेंगे, ये सोच कर ही सही,
भूल जा उसको जो तेरे मुकद्दर में ही नहीं,
उठा ले जाम और छलका दे पैमाना अपना,
भुला दे उस दिल को, जिसको तेरी फिकर ही नहीं !!

दिखा दे उसको की तुझे भी, नहीं गम कोई,
नहीं चाहिए हमदर्द, दोस्त, ना हमदम कोई,.
और चल यूँ कि तुझे खबर ही नहीं,
कि राह में काटें है या बिछे हैं पत्थर कोई !!

बहक जा इतना की बहकने का बस गुमान रहे,
ना रहे होश बदन में, बस एक जान रहे,
उनकी चाहत में खुद को तू इतना ना डूबा,
     वो किसी और की होगी, तुझे ये ध्यान रहे…..
    वो किसी और की होगी, तुझे ये ध्यान रहे….

ना तू और अब हसना, कि रोना पड़ता है,
किसी से प्यार ना करना, कि रोना पड़ता है,
मिलता कुछ भी तो नहीं गम, आँसुओं के सिवा,
और जो कुछ होता है अपना, वो खोना पड़ता है !!
इसलिए…..
    उस संगदिल सनम की, तू यूँ फिक्र ना कर . . .
  लब रख खामोश, उसका तू ज़िक्र ना कर. . .
 और. . .
जिन्दगी कुछ ऐसे जी ले, कि कोई अफ़सोस ना रहे,
उनके याद, फ़रियाद, में तू यूँ खामोश ना रहे !!

मगर, हसना इतना कि, तेरी हंसी पे सारा जमाना रो दे,
रोना इतना कि आँसुओं की बाढ़ में, वो सब कुछ खो दे !!

दुआ करना इतना, कि रब भी हाथ बढ़ा दे,
जो नहीं नसीब में, उसको भी नसीब में ला दे !!

 
कि खुश तू ना हो तो, उसे भी ख़ुशी नसीब ना हो,
हो सब कुछ उसके पास, पर वो अपने प्यार के करीब ना हो !!
 
उन्हें भी तो पता चले कि, प्यार के वास्ते रोना क्या है,
वो जो जान हो अपना, उसी का ना होना क्या है
दिल में इतनी मोहब्बत भर ले, कि जीना दुशवार हो जाये,
और जो उन्हें “नफ़रत” है तुझसे तो…
  इतनी नफरत भर ले, कि उनकी नफरत से भी तुझे प्यार हो जाये !!

उनकी नफरत से भी तुझे प्यार हो जाये….

डर से अंजान हु


डरी हु, सहमी हु , फिर भी  आपके सामने हु !
डरी हु, सहमी हु , फिर भी डर से अंजान  हु !
सामने आप हो तो डरु कैसे ,डर से अंजान  हु !
डर तो डराता है ,खुद डर को डराती हु !
क्यों डरते हो और ये डर क्या है  मै डर से अंजान  हु !
खुदा के नेक बन्दे है इस जहा में मै डर से अंजान  हु !
मुझे खुद उचायिया  देके वो मुझे निचे से निहारते है  मै हु !
यही आवाज़  देकर कठिन राहों पे चलने को कहते है
मै चलती तो हु पर डरती नहीं मै डर को डराती हु !
उसने जीना सिखाया डरना नहीं ,मै उनका शुक्रगुज़ार हु !
कहते  है लोग ,हर कामयाबी के पीछे औरत का हाथ है मै नहीं हु !
खुद तो बड़े बने मुझे भी बनाया मै उनका शुक्रगुजार हु !
मै डर से डरती नहीं , मै खुद डराती हु
खुदा के नेक बन्दे है इस जहा में मै डर से अंजान  हु !

आखरी ये ख़त एक बेवफ़ा के नाम है…….


 
आखरी बार आखरी ख़त मैंने लिखा उसे,
देती है मेरी मोहब्बत आखरी तोहफा उसे,
याद रखे या भुला दे मुझे परवाह नहीं,
याद करके भूल जाऊं उसको मैं ऐसा नहीं,
बेवफ़ा की बेवफाई साथ मेरे जाएगी,
और जब उठेगा जनाज़ा मेरा तो आवाजें आएंगे
आ देख ले ज़िन्दगी की ये आखरी ये शाम है,
आखरी ये ख़त एक बेवफ़ा के नाम है |
 


 

पा ली खुशियाँ तुने मेरा दिल जलाकर,
बोल क्या तू जी सकेगी मुझे भुलाकर,
तू खुश रह हर पल तेरी खुशियों के लिए मुझे ग़मों से भी प्यार है
बता एक पल के लिए भी क्या तुझे मेरा इंतज़ार है
काफी अरसा बीत गया जाने अब वो कैसी होगी,
वक़्त की सारी कड़वी बातें चुप-चाप सहती होगी,
अब भी भीगी बारिश में वो बिन छतरी के चलती होगी,
मुझसे बिछड़े अरसा बीता अब वो किस से लड़ती होगी,
 अच्छा था जो साथ ही रहते बाद में उसने सोचा होगा,
अपने दिल की सारी बातें खुद से खुद ही कहती होगी

Haste haste rona sikh liye hamne,


Haste haste rona sikh liye hamne,
sab hote hue bhi khona sikh liya hamne.
Kaise kahein k hamare dil ka alam kya hai,
Apni jaan ko apne paas hote hue bhi miss karna sikh liya hamne…..

Love
Chup rehte hai k koi khafa na ho jaye,
hamse koi rusva na ho jaye,
badi mushkil se koi apna lagne laga hai,
darte hai ki milne se pehle hi koi juda na ho jaye…

Love
Armaano ki ginti to mujhe nahi aati,
Par dil ka ek khayal apse kah du,
Agar pani ki har 1 boond pyar ban jaye,
To tohfe me apko saara samander de du…

Love
kya wajha hai mere darne ki,
ab to khwaish hai unki yaado mein marne ki,
unhr kyo itna yaad karta hai dil
jinhe fursat nahi hume yaad karne ki…

Love
Dil k dard haathon me sazaye baithe hain,
aap ki yaad ankhon me sazaye baithe hain.
Intezaar tha jis pal ka hamein,
aaj use hi apni manzil banaye baithe hain…..

Love
kehti hai woh,
har ek khoobsurat chehre ko dekhta hai tu…
kehti hai woh,
har ek ladki ko kyu dekhta hai tu…
kya kahun tumse??
bas har ek chehre me nazar aati hai tu…

Love

SMS Shayari in Hindi

aksar jb erado mai jb chot lag jati hai .
uske baad na jane kyu neend nhi ati hai.
ye accha khayal hai jindadi jeene ka,
jindagi jaha se khatam hui nayi suruvaat waha ati hai …

Love
Ham apne pyaar ko samjhate bhi to kaise samjhate,
ham apne is jajbaat ko samjhate bhi to kaise samjhate…..
theher jaatin hain meri jubaan unke deedar k saath hi,
ab ye baat ham unhe samjhate bhi to kaise samjhate!!!!!

Love
LoveChand ko dekhe bagair aapko hamari yaad aati nahi,
akele baithe bagair aapko hamari khayaal aati nahi…..
kya aaj itne begaane ho gaye ham,
jo koi dard dekhe bagair aapko hamari yaad aati nahi!!!!

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Dil ki duniya mein


Dil ki duniya mein dil hi se laga kar rakhte hain aapko,
in aansuon ko aapke intezaar me palkon pe saza kar rakhte hain ham to….
intezaar to bas aapke aane ka hai mere paas waapis,
Varna apni maut ka rath kab se sazakar baithe hain ham to.

Gham Mein Hasne Walon Ko Rulaya Nahi Jata


Love
Gham Mein Hasne Walon Ko Rulaya Nahi Jata
Lehron Se Pani Ko Hataya Nahi Jata
Honay Wale Ho Jate Hain Khud He Apne
Kisi Ko Keh Kar Apna Banaya Nahi Jata…